छत्तीसगढ़
नशे में स्कूल बस चला रहा था चालक, कोर्ट ने सुनाई 3 दिन की सजा
Shantanu Roy
8 Sept 2026 7:55 PM IST

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Durg. दुर्ग। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा स्कूल बसों और उनके चालकों की विशेष जांच लगातार की जा रही है। इसी जांच के दौरान सोमवार को एक स्कूल बस चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़ा गया। यातायात पुलिस ने तत्काल बस को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। मामले को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपी चालक को तीन दिन के साधारण कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर दुर्ग यातायात पुलिस सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान में स्कूल बसों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनके चालकों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हों और चालक पूरी तरह सतर्क अवस्था में वाहन चलाएं। सोमवार को जांच के दौरान यातायात पुलिस ने गोपीराम विश्वकर्मा को स्कूल बस चलाते हुए पकड़ा। पुलिस के अनुसार जांच में चालक शराब के नशे में वाहन चलाता पाया गया। यह बस केपीएस कुठेला भाठा, दुर्ग की बताई गई है और इसका वाहन क्रमांक CG 07 CT 0968 है। बच्चों को ले जाने वाली बस के चालक के नशे में होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तत्काल बस को जब्त कर लिया।
यातायात पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटर यान अधिनियम के तहत प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने चालक को धारा 185 मोटर यान अधिनियम के तहत तीन दिवस के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा धारा 184 के तहत 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इस तरह चालक पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय के आदेश के मुताबिक, यदि आरोपी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो धारा 185 के तहत उसे 30 दिवस और धारा 184 के तहत 10 दिवस का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यानी जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उसे कुल 40 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
यातायात पुलिस ने कहा कि स्कूल बस में छोटे-छोटे बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में शराब के नशे में बस चलाना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। न्यायालय की कार्रवाई से स्कूल बस चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने स्कूल बसों और उनके चालकों की जांच आगे भी जारी रखने की बात कही है। जांच के दौरान शराब का सेवन कर वाहन चलाना, तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना, निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करना अथवा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले में यातायात पुलिस ने चालक की गंभीर लापरवाही से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी है। साथ ही स्कूल प्रबंधन की जवाबदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में स्कूल प्रबंधन को पत्र भेजा गया है। यातायात पुलिस ने स्कूल बस चालकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ वाहन चलाएं। किसी भी परिस्थिति में शराब का सेवन करने के बाद वाहन न चलाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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